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सरकार ने लॉन्च किया देश का disaster warning system, अब आपदा की सूचना सीधे मोबाइल पर मिलेगी

disaster warning system - अब आपदा की सूचना सीधे मोबाइल पर मिलेगी

    11-Aug-2026
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सरकार ने लॉन्च किया देश का disaster warning system, अब आपदा की सूचना सीधे मोबाइल पर मिलेगी

disaster warning system: भारत सरकार ने नागरिकों को आपातकालीन परिस्थितियों में तेजी से सूचना पहुंचाने के लिए Indigenous Cell Broadcast System (CBS) लॉन्च किया है। यह system देश में disaster management और public safety को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इसे Department of Telecommunications (DoT) के तहत Centre for Development of Telematics (C-DOT) ने National Disaster Management Authority (NDMA) और Ministry of Home Affairs (MHA) के सहयोग से विकसित किया है। सरकार ने इसे 2 May 2026 को औपचारिक रूप से लॉन्च किया था।

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इस system का सबसे बड़ा फायदा यह है कि disaster alert (disaster warning system) को किसी specific geographical area में मौजूद mobile phones तक एक साथ पहुंचाया जा सकता है। यानी अगर किसी इलाके में flood, cyclone, earthquake, landslide या दूसरी गंभीर emergency की स्थिति बनती है, तो उस क्षेत्र के mobile users को alert भेजा जा सकता है. Cell Broadcast technology में एक ही message को उस क्षेत्र के बड़ी संख्या में mobile devices तक एक साथ प्रसारित किया जा सकता है, जिससे warning पहुंचाने में होने वाला delay कम होता है.

सरकार के अनुसार, यह system geo-targeted alerts देने की क्षमता रखता है। इसका मतलब है कि warning (disaster warning system) केवल उस इलाके के लोगों को दी जा सकती है जहां emergency की स्थिति है। इससे नागरिकों को समय रहते evacuation, सुरक्षित स्थान पर जाने या प्रशासन द्वारा दिए गए अन्य instructions का पालन करने में मदद मिल सकती है। NDMA का SACHET platform भी देशभर में official disaster warnings (disaster warning system) को विभिन्न technology माध्यमों से near real-time में disseminate करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है।

Cell Broadcast System की एक खासियत यह है कि emergency message सामान्य SMS की तरह एक-एक व्यक्ति को भेजने के बजाय cellular network के जरिए एक साथ broadcast किया जाता है। इसलिए बड़े स्तर पर लोगों तक critical information पहुंचाने के लिए यह technology उपयोगी हो सकती है। प्राकृतिक आपदा के समय communication networks पर दबाव बढ़ने की स्थिति में भी cell broadcast आधारित warning systems को महत्वपूर्ण माना जाता है।

इस system की testing के दौरान कई mobile users को loud siren के साथ test alert भी मिला था। सरकार ने स्पष्ट किया था कि ऐसा message केवल testing के लिए था और उसे प्राप्त करने वाले नागरिकों को कोई action लेने की आवश्यकता नहीं थी। ऐसे test alerts का उद्देश्य system की functionality और public alert mechanism को जांचना है।

इस technology से केवल प्राकृतिक आपदाओं की जानकारी ही नहीं, बल्कि अन्य public safety emergencies के दौरान भी लोगों को महत्वपूर्ण सूचना देने की संभावना है। संबंधित authorities situation के अनुसार alert जारी कर सकती हैं और उसमें जरूरी instructions भी शामिल किए जा सकते हैं। इससे traditional communication channels के साथ mobile-based warning एक अतिरिक्त और तेज माध्यम बन सकता है।

हालांकि, नागरिकों के लिए यह समझना जरूरी है कि हर Cell Broadcast message emergency (disaster warning system) नहीं होता। समय-समय पर system की testing के लिए भी alerts भेजे जा सकते हैं। इसलिए message में दिए गए instructions और उसके official source को ध्यान से पढ़ना जरूरी है। NDMA का SACHET portal official disaster warnings और alerts उपलब्ध कराने वाला प्रमुख सरकारी platform है।

भारत जैसे बड़े और विविध भौगोलिक क्षेत्र वाले देश में समय पर disaster warning (disaster warning system) पहुंचाना बेहद महत्वपूर्ण है। Cyclone-prone coastal areas, flood-affected regions, earthquake zones और landslide-prone mountainous areas में कुछ मिनटों की advance warning भी लोगों की safety के लिए महत्वपूर्ण ठरू शकते. Cell Broadcast System के जरिए सरकार का उद्देश्य reactive disaster response से proactive warning mechanism की ओर बढ़ना है।

इससे पता चलता है कि अब गंभीर आपदा या public emergency की स्थिति में प्रभावित क्षेत्र के mobile users तक warning तेजी से पहुंचाने की क्षमता सरकार के पास होगी। हालांकि, system की effectiveness इस बात पर भी निर्भर करेगी कि alerts कितनी सटीकता से जारी किए जाते हैं और नागरिक उन warnings पर कितनी जल्दी प्रतिक्रिया देते हैं। हाल में system के संचालन को लेकर technical review की खबरें भी सामने आई थीं, इसलिए इसके nationwide implementation और operational reliability पर आने वाले official updates पर नजर रखना महत्वपूर्ण होगा।