साईड रोल या असली हीरो ? आप ही बताएँ...!

27 May 2021 18:24:37

कोई भी फिल्म या वेब सीरीज देखते समय सभी का ध्यान कहानी पर और उसके मुख्य पात्रों पर होता है, ये अक्सर देखा जाता है की फिल्मों में सहायक किरदार को खास जगह नहीं मिलती, फिल्मी भाषा में कहा जाए तो वो बिचारे फ्रेम से बाहर ही नजर आते हैं, उनका केवल इतना ही काम होता है की लीड एक्टर को सपोर्ट करना।

पर कभी कभी सहायक कलाकार भी अपने बेहतरीन अभिनय से आपका ध्यान आकर्षित कर जाते हैं भले ही उनका रोल छोटा सा हो। आज हम ऐसे कुछ पात्रों के बारे में चर्चा करेंगे जो मुख्य भूमिका में ना होते हुये भी अभिनय के द्वारा देखने वाले के मन पर अपनी छाप छोड़ते हैं


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1)बबलू पंडित – पिछले 2 सालों में सबसे ज्यादा चर्चित वेब सीरिज मे से एक थी मिर्ज़ापुर. जिसके कालीन भैया , मुन्ना और गुड्डू जैसे किरदार सबकी नजरों में यादगार बन गए , पर इसी वेब सीरीज में एक और पात्र था , गुड्डू का छोटा भाई बबलू पंडित.जो सीझन वन में गुड्डू के साथ नजर आता है, इस किरदार की खास बात ये थी कि ये और कोई नहीं हम सबका चहेता और छोटे व बड़े पर्दे पर अपने दमदार अभिनय के बूते राज करने वाले विक्रांत मेस्सी ने निभाया है। 24-25 साल का दुबला-पतला मध्यमवर्गीय परिवार का बेटा जो पढ़ने-लिखने में होशियार है और साथ ही अपने परिवार से उतना ही प्रेम करता है, अच्छा पढ़-लिख कर , नौकरी करके अपने माता-पिता को खुश रखना चाहता है, पर उसकी किस्मत और बड़े भाई का फेमस होने का सपना उसकी दिशा बदल देता है और इच्छा ना होते हुये अपने भाई की खातिर वो बुराई की दलदल मे फस जाता है, ना ही वो कोई नौकरी कर पाता है और ना ही अपना प्यार जाहीर कर पता है , और उसके हिस्से में केवल दर्दनाक मौत ही रह जाती है। पर उसको मरता हुआ देख कर वाकई दुख होता है, गुस्सा भी आता है और ये लगता है की अगले सीजन में उसे होना चाहिए था।


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2) धृति तिवारी- 2020 में चर्चा में रही मनोज बाजपेयी की वेब सीरिज फेमिली मैन में मुख्य पात्र श्रीकांत तिवारी( मनोज बाजपेयी) की बेटी का किरदार निभाने वाली अश्लेषा उर्फ महक ठाकुर बचपन से ही टीवी और फिल्मों में काम करती आई है, 17 साल की महक ने इसमे एक टीनेजर लड़की "धृति" का किरदार बखूबी निभाया है, वो उम्र के उस पड़ाव में है जहा उसे अपने माता-पिता के रिश्ते में आ रही दूरिया नजर आने लगी है, भले ही अपनी उम्र के बाकी बच्चों की तरह उसे भी पिज्जा, बर्गर खाना और मॉल में जाना पसंद है पर वो अपनी मर्यादा अच्छे से जानती है, भले ही वो कभी-कभार झूठ बोल कर पार्टी करने चली जाती है पर वहाँ दोस्तो के बार-बार कहने पर भी वो ड्रिंक्स या टेबलेट लेना पसंद नहीं करती। वो नए जमाने के नए अंदाज़ से चलना चाहती है अपनी माँ को भी वो जमाने के साथ चलने के लिए कहती है पर अपनी हद वो अच्छे से जानती है, 17-18 साल के बच्चो को क्या नहीं करना चाहिए ये उसे अच्छे से पता है।अपने बेहतरीन अभिनय से अश्लेषा/ महक आपके दिल में जगह जरूर बना लेती है और भले ही वो हर एपिसोड में नजर नहीं आती पर अपने छोटे से किरदार में भी दमदार दिखती है।


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3)काटेकर – थोड़ी पुरानी पर एक और काफी चर्चित वेब सीरीज़ सेक्रेड गेम्स जो की नवाजुद्दीन सिद्धिकी और सैफ अली खान, पंकज त्रिपाठी, राधिका आपटे, जैसे एक से एक कलाकारों से भरी पड़ी है, इसी वेबसीरीज़ का एक सहायक पात्र है कॉन्स्टेबल काटेकर ये भूमिका जितेंद्र जोशी ने निभाई है, एक ईमानदार और काम के प्रति समर्पित ऐसा किरदार है “काटेकर” वो अच्छी तरह जानता है की एक पुलिस वाले का जीवन क्या होता है, उसकी पत्नी शलिनी उसकी निष्ठा और ईमानदारी के लिए उसे बार-बार ताने मारती है, क्यूकी वो जानती है की एक ईमानदार पुलिसवाले के घर में अपनी इच्छा और आकांक्षाओ को कैसे मारना पड़ता है, पर काटेकर सिर्फ अपने साहब के लिए समर्पित है, वो दिन-रात, तीज-त्योहार और बच्चों की परवाह किए बिना 24 घंटे 12 महीने सिर्फ अपने साहब के साथ ड्यूटी पर तैनात रहता है और अपनी ड्यूटी करते-करते एक दिन अपने साहब के लिए जान कुर्बान कर देता है। जितेंद्र की अदायगी, संवाद , उसका मज़ाकिया अंदाज़ इस काटेकर की भूमिका मे चार चाँद लगाता है और सहायक होते हुये भी उसकी भूमिका को महत्वपूर्ण बनाता है।

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4)देवेंद्र राठोर- Bandish Bandits नाम की वेब सीरीज जो अपने सुमधुर संगीत के कारण सभी को पसंद आई थी इसकी कहानी मुख्य पात्रों ऋत्विक, श्रीया , नसीरुद्दीन शाह , अतुल कुलकर्णी जैसे कलाकारों के इर्द-गिर्द घूमती है पर इस सबके अलावा एक और पात्र नजर आता है जो कहानी के मुख्य किरदार राधे का चाचा है और वो भूमिका निभाई है एक बेहद उम्दा कलाकार स्वर्गीय अमित मिस्त्री जी ने, दुर्भाग्य से ये वेब सीरीज उनके जीवन की अंतिम साबित हुई और हमने एक बहुत ही अच्छे अभिनेता को खो दिया। देवेंद्र राठोर की बात की जाये तो ये एक मस्तमौला आदमी है जो दुनिया की और अपने परिवार की नजरों में एकदम निकम्मा और नकारा है, पर कम ही लोग जानते थे की वो अपने पिता का सबसे अच्छा शिष्य रह चुका है, वो वाद्य यंत्रों में अलग अलग प्रकार के प्रयोग करके कुछ नया बनाना चाहता है, वो काफी हद तक सफल भी हो जाता है पर उस दरमियान उसे एक विदेशी लडकी से प्रेम हो जाता है और उसकी ही वजह से वो अपने पिताजी के साथ ही भाई-भाभी और सबकी नजरों में नकारा साबित हो जाता है पर जब बात उसके भतीजे राधे पर आती है और उसे अपने दादाजी के सामने खुद को साबित करना होता है तो सबसे ज्यादा देवेंद्र चाचा ही उसके काम आते हैं, राधे को उसका प्रेम दिलवाना हो या घर का लोन चुकाना हो, देवेंद्र चाचा किसी भी हद तक जाने तैयार है। अपने इस छोटे से किरदार को भी अमित ने बेहतरीन अभिनय से जीवंत कर दिया है , आज भले ही वो हमारे बीच नहीं रहे पर उनका देवेंद्र राठोर का किरदार सबको हमेशा याद रहेगा।


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5)अश्विन भाई- 2020 की सबसे ज्यादा पसंद की गयी वेब सीरीज रही scam 1992 ये कहानी थी शेयर मार्केट के बादशाह और एक समय सबसे बड़ा घोटाला करने वाले हर्षद मेहता की। इस कहानी में उनका प्रारम्भिक जीवन, शेयर मार्केट में आना और लंबे समय तक राज करना ये सब बड़े आकर्षक तरीके से दिखाया गया है। इस कहानी में जितना ध्यान हर्षद मेहता ने बटोरा उतना ही खास एक और पात्र था और वो था हर्षद का बड़ा भाई अश्विन मेहता | अश्विन का किरदार निभाने वाले हेमंत खेर एक चलता फिरता विश्वविद्यालय है, अभिनय, दिग्दर्शन, लेखन, फिल्मांकन, हर विधा में महारत हासिल कर चुके हेमंत खेर ने इस किरदार में जैसे जान डाल दी है। हर्षद के बड़े भाई अश्विन न केवल उसका सबसे बड़ा आधारस्तम्भ थे बल्कि उसके आलोचक भी थे, उनको हर्षद का जोखिम उठाने का स्वभाव पसंद नहीं था, वो उसे बार बार समझाते की इतना बड़ा रिस्क क्यू लेना? पर चाहे बाबूजी के सामने ट्रेडिंग की बात करना हो चाहे शेयर मार्केट में किसी को पटाना हो वो हर बार हर्षद का साथ देते थे, इतना ही नहीं जब हर्षद अपने किए हुये काम में पूरी तरह से फस गया तब भी उन्होने एक भाई होने का फर्ज़ निभाया, ऐसे दमदार चरित्र को पर्दे पर दिखाना आसान नहीं पर हेमंत ने ये किरदार बखूबी निभाया, इसलिए जितनी तारीफ़ें हर्षद मेहता बने प्रतीक ने बटोरी उतना ही सबको अश्विन भाई उर्फ हेमंत खेर का किरदार पसंद आया।


Ashwin bhai_1  
तो आप भी मानते हैं ना कि ये साईड कॅरेक्टर्स कभी कभी सीरीज के असली हीरो बन जाते हैं ? अश्विन भाई ना होते तो हर्षद का इतना महत्व होता ? देवेंद्र राठौर ना होते, तो हवेली को बचाता कौन ? धृति जैसा कॅरेक्टर ना होता तो फॅमिली मॅन की फॅमिली कैसे पूरी होती ? बबलू पंडित ना होता तो गुड्डू कैसे होता ? काटेकर ना होता तो सेक्रेड गेम्स का मजा भी ना होता | ये कॅरेक्टर्स थे इसलिये ये सारी सीरीज इतनी हिट हुई है ना ?  

 

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