महाराष्ट्र राजनिती किसी एक्शन थ्रिलर फिल्म से कम नहीं...!

    22-Mar-2021
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महाराष्ट्र की राजनीति में पिछले कछ दिनों से इतने सारे बदलाव हो रहे हैं, जिसका कोई हिसाब नहीं | और ये सारी घटनाएं महाराष्ट्र की राजनीति की अवस्था और भी पेचीदा करने वाले हैं | यह किसी एक्शन थ्रिलर फिल्म से कम नहीं हैं | अब देखा जाए तो, देश के सबसे अमीर व्यक्ति के घर के सामने विस्फोटकों से भरी कार का मिलना, उसके बाद उस कार के मालिक का गायब होना, उसकी डेड बॉडी मिलना, इस संबंध में एक वरीष्ठ पुलिस अधिकारी को जेल होना और उसके संबंध डायरेक्ट गृहमंत्री तक जाकर निकलना, सामान्यत: राज्यों में तो होता नहीं है | ये अगर ऐसा हो रहा है, तो उसके पीछे कारण है तीन पैर की लंगडी सरकार | आईये नजर डालते हैं पिछले कुछ दिनों में महाराष्ट्र में क्या हुआ है ?


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१. एंटालिया के सामने विस्फोटकों से भरी कार का मिलना : अंबानी हाउस अर्थात एंटालिया एक जानी मानी वास्तु है | मुंबई में इस इलाके में कोई भी आता है, तो एंटालिया के दर्शन जरूर करता है | एंटालिया के सामने अचानक एक दिन ऐसी कार मिलती है, जिसमें जिलेटिन भरी सामग्री रखी है, अर्थात विस्फोटकों से भरी सामग्री | ऐसी कार के खासकर एंटालिया के सामने मिलने से अफरा तफरी मच जाती है |


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२. कार के मालिक का गायब होना : कहा जाता है कि वह कार किसी मनसुख हिरेन की है | और वह गायब है | यह सारा माजरा सामने आने पर विधानसभा में इस विषय में बहुत बहस होती है | राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री और प्रतिपक्ष नेता देवेंद्र फडणवीस सरकार को बहुत खरी खोटी सुनाते हैं, और मनसुख हिरेन के जान को खतरा होने के विषय में आगाह भी करते हैं |


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३. मनसुख हिरेन की डेडबॉडी मिलना : फडणवीस द्वारा बताया गया खतरा सच होता है, और कार के मालिक मनसुख हिरेन की डेडबॉडी मिलती है | पानी से मिली इस डेडबॉडी से कई तरह के प्रश्न उपस्थित होते हैं | यह व्यक्ति कौन था, उसे क्यों मारा गया ? उसकी कार का उपयोग एंटालिया के सामने विस्फोटक रखने के लिये क्यों किया गया ? इसके पीछे कौन है ? क्या कोई बडा आतंकवादी ग्रुप है ? ऐसे कई प्रश्न इस एक हत्या के कारण सामने आते हैं |


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४. सचिन वाझे की गिरफ्तारी : इस विषय में एक नाम सामने आता है, पुलिस अधिकारी सचिन वाझे का | क्या आपको याद है ? अर्णब गोस्वामी को उसके घर से जब पुलिस बुरी तरह से उठा कर ले गई थी, तो उन्हें ले जाने के लिये, उनकी कॉलर पकड कर घसीटने वाला पुलिस अधिकारी कौन था ? जी आप सही समझे हैं, ये वही सचिन वाझे हैं | सचिन वाझे के साथ पूर्व पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह का नाम भी सामने आने लगा | सचिन वाझे के शिवसेना से पूर्व से संबंध रहे हैं | उनका रिकॉर्ड संशयित रहा है, और इसी लिये उन्हें निलंबित भी किया गया था, लेकिन आघाडी सरकार आने के बाद उन्होंने सचिन वाझे को वापस नौकरी में लिया | यही सबसे बडा प्रश्न चिन्ह था |


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५. परमबीर सिंह का लेटर बॉम्ब : इसके बाद शनिवार २० तारीख को पूर्व कमिश्नर परमबीर सिंह मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को एक लेटर लिखते हैं, जिसमें वे कई प्रकार के भयंकर खुलासे करते हैं | जिसमें सबसे महत्वपूर्ण खुलासा यह है कि इस पूरे संबंध में गृहमंत्री अनिल देशमुख भी जुडे हैं, और उन्होंने सचिन वाझे से मुलाकात भी की थी, और सचिन वाझे को मुंबई के विविध डांस बार से हर माह १०० करोड रुपये सरकारी खातों में जमा करने को कहा था | इन खुलासों के कारण महाराष्ट्र की सरकार हिल गई | और महाराष्ट्र में राजनैतिक भूकंप आ गया |


इस पूरी कहानी पर आए दिन प्रेस कॉन्फरेंस हो रही हैं, कभी शरद पवार प्रेस कॉन्फरेंस बुलाते हैं, तो कभी देवेंद्र फडणवीस | बयानबाजियाँ हो रही हैं, लेकिन आश्चर्य की बात यह है कि, उद्धव ठाकरे चुप हैं | उनके बेटे आदित्य ठाकरे को कोव्हिड हो गया है, और वे भी क्वारंटाइन में हैं, इसलिये वे जनता के सामने आ नहीं रहे हैं | आप सोचिये वो व्यक्ति जिसने साम दाम दंड भेद से, भेद करते हुए, छल कपट से, जनता ने चुन के नहीं दिया फिर भी महाराष्ट्र में सत्ता स्थापित की, सरकार बनाई | जिन्हें मुख्यमंत्री बनने की इतनी अधिक लालसा थी, कि वह सालों से साथ चल रहे मित्र पक्ष को लाथ मार कर वे उनके साथ गये, जिन्हें गालियाँ देते हुए वे कुछ सीट्स जीते थे, ऐसा व्यक्ति आज इस पूरे मामले की एक मुख्यमंत्री होने के नाते जिम्मेदारी नेले से कतरा रहा है |

महाराष्ट्र की राजनीति दिन ब दिन और अधिक मनोरंजक होती जा रही | कहा ना ये किसी एक्शन थ्रिलर फिल्म से कम नहीं है | ये सब दूर से देखने में मजेदार अवश्य लग रहा हो, लेकिन उस राज्य की जनता का सोचिये, जिसका हित देखने वाला वहाँ कोई नहीं है |सरकार सिर्फ ये गुनहगारी बढाने और सुलझाने में लगी है | कोरोना के केसेस दिन प्रतिदिन बढते जा रहे हैं, लेकिन उससे किसी का कोई लेना देना नहीं है | यहाँ तो बस पैसों की वसूली हो रही है | इसलिये ये कहना अतिशयोक्ति नहीं होगा, कि आज महाराष्ट्र की स्थिती किसी ‘अंधेर नगरी चौपट राजा’ से कम नहीं है |