कॉलेज कट्टा

ये पाँच आदतें.. जिसपर लॉकडाउन का असर ना होने दें..

वैसे तो अब लॉकडाउन की आदत सी हो गई है | अब तो कॉलेज के ऑनलाइन क्लासेस भी नहीं होते, ना ही, कुछ और चल रहा है, जिनका वर्क फ्रॉम होम चल रहा है, उनके लिये तो अभी भी रूटीन फॉलो करना जरूरी हो गया है, लेकिन फिर भी ट्रॅव्हल टाईम कम हो जाने के कारण कहीं ना कहीं जिंदगी में ढीलापन आ गया है | तो हमें इन ५ आदतों पर ध्यान देना है, जिन पर लॉकडाउन का असर ना होने पाए, क्यूँ कि लॉकडाउन तो चला जाएगा, लेकिन आदतें एक बार बिगड गई तो सुधारना मुश्किल है | ..

Missing regular college fun? Are online classes fun?

We all know the answers to these questions. The answer is YES !!! We are missing college, and NO!!! Online classes are not that fun than the usual classes. No pranks with friends, No Proxy, No bunks, No sudden movie plans, and no everyday eating junkies in the college canteen. So yes major missing happening here. ..

#BoysLockerRoom घिनौनी मानसिकता का घिनौना प्रदर्शन

इंटरनेट पर मची इस खलबली ने एक बात तो सिद्ध कर दी, हमारे देश में अधिकतर (क्यूँ कि सारे युवा एक जैसे नहीं है इसलिये अधिकतर) युवाओं को शराब की दुकान, और लडकियों की अश्लील फोटो से मतलब है | देश में सेना के जवान शहीद हो रहे हैं, कोरोना से अनेकों की मौतें हो रही हैं, कोरोना से लडने में हमारे कई युवा डॉक्टर्स, नर्सेस, बँकर्स अपनी जान जोखिम में डाल रहे हैं | लेकिन इससे किसी को क्या लेना देना, इन्हें खुशी मिलती है बस शराब और शबाब से… और ऐसी घिनौनी मानसिकता को समाज का एक हिस्सा कभी भी स्वीकर नहीं करेगा… आखरी ..

Trial By Silence : What happen next with Kali and Ponna ?

"No matter how often he resolved not to think about her, she somehow surfaced in his mind. She was there in everything. He sighed deeply, drank the rest of the meal, and wiped his mouth."..

पेन्टागॉन के व्हिडियोज के बाद इंटरनेट पर हुई मीम्स की बारिश #UFO2020 कर रहा है ट्रेंड

पेंटागॉन ने आखिरकार आधिकारिक तौर पर UFO अर्थात परग्रहवासियों की उडनतश्तरी केव्हिडियोज जारी करने के बाद इंटरनेट पर मानों मीम्स की बारिश ही हो गई | ट्विटर पर अचानच #AlienExists हॅशटॅग ट्रेंड करने लगा, और एक से बढकर एक मीम्स लोग शेअर कर रहे हैं | देखते हैं एक झलक इन मीम्स की....

लॉकडाउन में मेंटल हेल्थ बनाए रखने के लिये रखें इन ५ बातों का ध्यान

दोस्तों लॉकडाउन चल रहा है, और शायद ये आगे और भी बढे | पिछले एक महीने से हम अपने अपने घरों पर बंद हैं | ना कहीं आना जाना, ना किसी से मिलना, काम का प्रेशर, फ्यूचर की चिंता, सॅलरी का प्रेशर सबकुछ मानों एकसाथ ही हो गया है | ऐसे में आपका परेशान होना जायज है | लेकिन इस समय आपको अपनी फिजिकल हेल्थ के साथ साथ यदि किसी बात का सबसे ज्यादा ध्यान रखना है, तो वो है आपकी मेंटल हेल्थ | मानसिक तौर पर यदि आप स्वस्थ रहेंगे, खुश रहेंगे तो आपकी आधी समस्याएँ समाप्त हो जाएँगी | साथ ही आप अपने आस पास के लोगों को भी खुश रख ..

ऐ भाई जरा देख के चलो...

जरा सोचिये आप अपनी गाडी से घूमने निकले हैं और किसी चौराहे पर कोई Handsome सा लडका आपको बडे प्यार से रोकता है और कहता है कि अपना हैलमेट लगा लीजिये! अब आपको लग रहा होगा मै किसी फिल्म के सीन की बात कर रही हूं, पर ये कोई साउथ इंडियन मूवी नही बल्कि जबलपुर शहर में हर शनिवार और रविवार को होता है, जी हां सही पढा आपने हर वीकेंड पर जब आप अपने परिवार अपने दोस्तो के साथ घूमने , शॉपिंग करने या मॉल जा रहे होते है तब शहर के किसी चौराहे पर पीले रंग की टी-शर्ट पहने एक 20 साल का good-looking बंदा अपने साथियों के साथ ..

Life in the Sky.

Isn’t our Journey So much like that of an airplane? Eagerly waiting at bay for taking off in life. With a couple of exciting hopes prancing about our hearts, awaiting the minute its destination arrives...

दिल्लीतील विद्यार्थ्यांकडून घरभाडं घेणाऱ्या घरमालकांविरुद्ध होणार कारवाई

दिल्ली येथे राहणाऱ्या विद्यार्थ्यांना लॉकडाउनच्या काळात अनेक समस्यांचा सामना करावा लागत आहे. खाण्यापिण्याचे हाल होताएत, राहण्याचे हात होताएत, मात्र अनेक घरमालक या काळात देखील विद्यार्थ्यांकडून घरभाडं घेत आहेत, आणि जे विद्यार्थी त्यांना घरभाडं देत नाही, त्यांना काढून टाकण्यात येत असण्याच्या अनेक घटना समोर आल्या आहेत. मात्र यावर अंकुश लावण्यासाठी दिल्ली सरकार अशा घरमालकांविरुद्ध कारवाई करणार असल्याचे समोर आले आहे. यामुळे दिल्ली येथील विद्यार्थ्यांना दिलासा मिळाला आहे. ..

Quarantine- A chance at redemption

All the latest conversations we have at the dinner table, on phone calls or hangout (well virtual hangouts) revolves around the global pandemic, Coronavirus or COVID-19, and the quarantine situation that we are all facing. It’s barely been 2-3 weeks since a complete lockdown and people are already antsy as to when this will all end and eager to get out of the houses...

दोस्तों लॉकडाउन बढा तो भी फिकर नॉट.. बस अपना खयाल रखें...

दोस्तों दुनिया की स्थिती आप जानते ही हैं | जहाँ दुनिया भर के कई शहरों को कोरोना के कारण सील कर दिया गया है, लोग अपने अपने घरों में बंद हैं, और सोच रहें हैं कि ये कब खत्म होगा? यदि भारत की बात करें तो स्थिती अभी भी गंभीर बनी हुई है, और लॉकडाउन बढने की भी आशंका जताई जा रही है | हम आपसे यही कहना चाह रहे हैं, कि लॉकडाउन बढा तो भी आप फिक्र ना करें | क्यूँ कि यदि हम सब अपने अपने घरों में रहें, बिल्कुल भी बाहर ना निकलें तो ये संकट जल्द ही टल जाएगा | लेकिन इसके लिये जितना समय आवश्यक है, उतना देना ही पडेगा ..

Being Right…

Leftists call Narendra Modi to be fascist and RSS to be a terrorist organization. The sole reason is that they have never heard नमस्ते सदा वत्सले मातृभूमे and tried to understand its meaning. They have never attended a शाखा or learned the principles of RSS. These people will never understand that RSS is for the Rashtra which means for the Nation. The nation comes first and then other aspects...

कैसे बनाएँ लॉकडाउन का ये समय मजेदार?

हाल ही में देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोरोना व्हायरस के चलते देश में २१ दिन का लॉकडाऊन घोषित किया है | और तभी से सभी के मन में बस ये ही एक प्रश्न उठ रहा है कि कैसे कटेंगे ये २१ दिन? जिन्हें वर्क फ्रॉम होम है, उन्हें काम तो करना ही है, लेकिन एक ही जगह पर बैठकर बोरियत तो होती ही है, तो क्या करें ऐसा कि ये २१ दिन का समय मजेदार बने? ..

Varied playlists, varied moods!

How well does it sound to be sitting in the gallery, sipping hot chai and listening to music? You connect the earplugs to the phone but the earplugs connect you to life and it’s staged through the tunes of songs. Your mood changes so do your song. So here is a brief list of songs to listen when happy, sad, excited, down and up high in love. ..

ओळख खेळाडूंची - १ रवी शास्त्री - भारतीय क्रिकेट संघाचा प्रशिक्षक

"In the air, Sreesanth takes it!! India win" " Dhoni! finishes off in style, a magnificent strike into the crowd" हे शब्द ऐकल्यावर आपल्या मनात एकाच व्यक्तीचा विचार येतो, ती व्यक्ती जी भारताच्या प्रत्येक महत्त्वाच्या क्षणी समालोचन करत असे. बरोबर ओळखलंत, रवी शास्त्री - प्रत्येक महत्वाच्या क्षणांमध्ये सहभागी असलेला माणूस...

नए साल का पहला सप्ताह और रेसोल्यूशन...

वर्ष 2020, नए साल की पहली गलती ये तारीख सही लिखना थी ना! मेरी भी! खैर! जनवरी शुरू होकर 10 दिन हो चुके हैं और मेरे ख्याल से अब तक लगभग हम सभी को 2020 लिखने की आदत लग चुकी हैं! और अब, बात जब आदतों पर आ ही गई है तो इसी विषय को लेकर आगे बढ़ें? नया साल कहते ही अक्सर दो ऐसे विषय हैं जिनके बारे में चर्चाएं होती हैं – नए साल की पार्टी और नए साल के रेसोल्यूशन! तो चलिए आज इसी विषय पर बात करते हैं!..

A letter to self...

New year, new beginnings, new challenges and what not! We have seen a lot of WhatsApp forwards, inspiring stories and everything of that kind. It feels really optimistic to see people staying happy and helping others to match the speed of life. But my question stays, is it really needed?..

आपली लाडकी तोत्तोचान

लहानपण म्हटलं की गोष्टी आल्याच. आजीच्या गोष्टी, पंचतंत्र्याच्या गोष्टी, महाभारताच्या गोष्टी, रामायणाच्या गोष्टी. मात्र काही गोष्टी आणि काही पात्र आपल्या डोक्यात अगदी घट्ट बसतात. तशीच गोष्ट आहे या तोत्तोचानची. तोत्तोचान हे मूळ जपानी भाषेत लिहिलेलं पुस्तक आणि त्याच्या लेखिका आहेत तोत्सुको कुरोयानागी. याचा अनुवाद केला आहे चेतना सरदेशमुख गोसावी यांनी. आज जागतिक पुस्तक दिनानिमित्त एखाद्या आवडत्या पुस्तकाविषयी लिहीण्याची इच्छा असल्या कारणाने यामध्ये "तोत्तोचान" ची निवड झाली...

नये साल का रेसोल्यूशन..

वैसे तो हर साल हम नये साल का कोई ना कोई रेेसोल्यूशन करते हैं| किसी को वजन कम करना होता है, कोई हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाना चाहता है, तो कोई नयी आदत | लेकिन अक्सर ऐसा होता है कि ये रेसोल्यूशन नये साल के पहले कुछ दिन तो टिकते हैं, लेकिन बाद में हम भूल जाते हैं, और फिर अगले साल नये साल के साथ नया रेसोल्यूशन आ जाता है | तो इस साल क्या करना चाहिये? कोई रेसोल्यूशन बनाना चाहिये या नहीं? ..

Hostelites के बीच में फसे हुए Localites

Enjoying birthdays at 12, dancing on the most energetic songs and singing the stupidest tunes has ought to be so much fun. Being a localite, I always had that type of attraction of staying at the hostel and enjoying the freedom. No parents to shout at you saying," Chal, abhyaas kar." ("Go and Study")..

Anti-government is the new cool.

students tend to create or make the opinions on social or political topics very easily. Rather than reading or researching properly, they decide their side depending upon what most of the people are doing...

अखेर फिरोदिया करंडक संयोजन समितीने निर्णय घेतला मागे..

काल फिरोदिया करंडकाच्या फॉरमॅट मध्ये झालेल्या बदलानंतर जनतेच्या तिखट प्रतिसादामुळे अखेर आज फिरोदिया करंडकाच्या निर्णायक समितीने आपला निर्णय मागे घेतला आहे. ..

टाईम मॅनेजमेंट के ५ सबसे आसान तरीके...

आज की भाग दौड की जिंदगी में समय संभालना बहुत ही मुश्किल हो गया है | स्कूल, कॉलेज, ऑफिस, क्लासेस, घर, कामकाज और आपकी हेल्थ, यह सब समय के साथ संभालना एक कसरत बन गया है, लेकिन यदि हम अपने कामों को प्रायोरोटाईज करें अर्थात आवश्यकता के अनुसार सेट करें, तो हम अवश्य ही टाईम मॅनेजमेंट में मास्टरी हासिल कर सकते हैं | ..

Ashiksha ka dhuaa..

‘Aajkal iss shahar ko hua kya he, charo taraf ashiksha ka dhuaa hee..!!’.This is not an over exaggeration I hope. Sorry, if at all it felt like..! But eventually that one line is enough to explain that the youth today is not very powerful although being intellectual or capacitated to be worth. Why this is so..? Has anybody ever thought..? I don’t think so...

College life.. A blessing !!

  Okey so everyone gives the same answer (especially the guys) when someone asks a question what is the best phase of your life? Majority people will answer the same. “College life”. Now if we ask why? Only a person who is no longer ..

काश्मीरमध्ये शिक्षणाचा विकास करण्यासाठी पुण्याने टाकले एक पाऊल पुढे

धरतीवरील स्वर्ग कुठे आहे असे विचारल्यावर आपल्या डोळ्यांपुढे काय येतं? तर ते म्हणजे काश्मीर. प्रकृतीने जर देशातील कुठल्या भागाला भरभरून दिले असेल तर ते म्हणजे काश्मीर. तर असे हे काश्मीर आता पर्यंत दहशतवाद, भ्रष्टाचाराच्या विळख्यात अडकले होते. मात्र आता कलम ३७० रद्द झाल्यावर तेथील परिस्थिती बदलण्याचा निश्चय आपल्याच काही बांधवांनी, काही संस्थांनी केला आहे. आणि काश्मीरमध्ये आता शिक्षणाचा योग्य विकास व्हावा यासाठी आपल्या लाडक्या पुण्याने एक पाऊल पुढे टाकायचं ठरवलं आहे.  काश्मीरबद्दल सरकारच्या महत्वाच्या ..